इंटरनेट क्या है? - Article, Chart and Video



नमस्कार दोस्तों !!! 🙏🙏
स्वागत है आपलोगों का इस ब्लॉग में। 

इस आर्टिकल में हैं इंटरनेट के बारे में पूरी जानकारी देखेंगे। इंटरनेट शुरुआत से बेसिक तक की बातों को इस आर्टिकल में हमलोग कवर करेंगे। खास कर अगर कोई शिक्षक हैं तो उनके लिए ये आर्टिकल बेस्ट है, जिससे वे अपने विद्यार्थियों को आसानी से समझा सकते हैं और वीडियो भी है जो कि बिल्कुल मुफ्त है।

इस आर्टिकल में हमलोग इन टॉपिक को कवर करेंगे जो आप इस फोटो में देख रहे हैं -


1. इंटरनेट क्या है?

दोस्तों, 👋 👋 
जब हम मोबाइल या कंप्यूटर से किसी वेबसाइट को खोलते हैं या वीडियो देखते हैं। हमलोग तो मैसेज भी भेजते हैं, ईमेल करते हैं, वीडियो गेम खेलते हैं, तो उस वक्त हम इंटरनेट का ही प्रयोग कर रहे होते हैं। 

इंटरनेट दुनिया भर के लाखों - करोड़ों कंप्यूटर, सर्वर और मोबाइल डिवाइस को जोड़ने वाला एक वैश्विक नेटवर्क (Global Network) है। इसे अक्सर "नेटवर्क का नेटवर्क" कहा जाता है, क्योंकि यह कई सारे छोटे - बड़े नेटवर्क को आपसे के जोड़ता है।

यानी कि हम कह सकते हैं कि - 
Internet = नेटवर्क का नेटवर्क 

*** दुनिया भर के लाखों - करोड़ों कंप्यूटर, सर्वर और मोबाइल डिवाइस को जोड़ने वाला एक वैश्विक नेटवर्क (Global Network), इंटरनेट (Internet) कहलाता है।

2. इंटरनेट का इतिहास क्या है?

ARPA अर्थात एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट एजेंसी नाम का नेटवर्किंग प्रोजेक्ट पेंटागन अमेरिका के रक्षा विभाग में आरम्भ हुआ था। यह ऐसे नेटवर्क की तरह काम करता था जिसमे युद्ध के परिदृश्य के बारे में सैनिक और वैज्ञानिक एक दुसरे को बिना बाधा के गोपनीय सूचनाएँ भेज सके।

ARPANET कहलाने वाला यह नेटवर्क सितम्बर 1969 में आरम्भ हुआ। जैसे जैसे इसका इस्तेमाल से इसका प्रयोग बढ़ने लगा नेटवर्क की लोकप्रियता हासिल कर ली। धीरे धीरे दुसरे क्षेत्र के शोधकर्ताओं और विद्वानों ने इसका प्रयोग आरम्भ किया। 1986 में नेशनल साइंस फाउंडेशन ने अपने पांच सुपरकंप्यूटर सेंटरों के वीशाल नेटवर्क को जोड़ा। इसे NSFnet कहा गया। जटिल नेटवर्क का यह विलय इन्टरनेट के रूप में जाना गया।

1995 तक NSFriet इन्टरनेट पर बड़ी मात्रा में कम्युनिकेशन एक्टिविटी अथवा ट्रैफिक को संभालता रहा। 1995 में उसने अपने नेटवर्क को इन्टरनेट से अलग कर दिया।

बाद में नेट का ट्रैफिक विभिन्न निगमों, व्यावसायिक फार्मों और अन्य कंपनियों ने संभाला जो नेटवर्क उपलब्ध कराते हैं।

3. इंटरनेट कैसे काम करता है?

इंटरनेट से जुड़े कंप्यूटर क्लाइंट और सर्वरों का इस्तेमाल कर दुनिया भर में एक - दूसरे को डाटा ट्रांसफर करते हैं। वह कंप्यूटर जो किसी नेटवर्क के स्रोतों जैसे प्रोग्राम और डाटा को व्यवस्थित करता है और एक केंद्रीय स्टोरेज एरिया उपलब्ध कराता है, सर्वर कहलाता है।

नेटवर्क के काम करने का यह तरीका सबसे प्रचलित है -
  • सबसे पहले आपका फोन या कंप्यूटर वाईफाई या मोबाइल डाटा से जुड़ता है।
  • यह कनेक्शन जुड़ने के बाद आपके ISP (Internet Service Provider) तक जाता है।
  • ISP आपको बाकी दुनिया के सर्वर और वेबसाइट्स से जोड़ता है।
  • फिर अंत में डाटा सेकेंडों में ही आपके पास वापस आ जाता है।
एक उदाहरण से समझिए -
जब भी आप गूगल पर कुछ सर्च 🔎 करते हैं तो, आपका रिक्वेस्ट गूगल के सर्वर तक जाता है। फिर वहां से प्रोसेस होकर सेकेंडों में ही आउटपुट (रिजल्ट) आपके पास आ जाता है।

4. इंटरनेट एड्रेस क्या है?

परिभाषा - 
** वह पता जिसके मदद से हम इंटरनेट पर किसी वेबसाइट या डिवाइस तक पहुंचते हैं, इंटरनेट एड्रेस कहलाता है।

इसका मतलब यह है कि हमें इंटरनेट पर किसी भी वेबसाइट या डिवाइस तक पहुंचने के लिए एक एड्रेस देना पड़ता है जैसे हमलोग को अपने किसी घर का एड्रेस या कहीं का एड्रेस देकर कहीं भी पहुंचाया जाता है। ये इंटरनेट एड्रेस भी दो प्रकार से होते हैं -
  1. IP Address - यह वह एड्रेस है जिसके मदद से कंप्यूटर एक दूसरे को पहचानते हैं। इसे याद रखने में कठिनाई होती हैं, क्योंकि यह संख्या में होता है। लेकिन कंप्यूटर के लिए यह महत्वपूर्ण है।
  2. Domain Name - यह नाम के जैसा एड्रेस होता है। इसे याद रखना आसान है। 
जब आप डोमेन नाम सर्च करते हैं तो कंप्यूटर उसे IP एड्रेस में बदलता है फिर वो उसको समझकर आपके पास रिजल्ट देता है। यानी कि IP Address से लोगों को कठिनाई हो रही थी तब डोमेन एड्रेस का आविष्कार किया गया है।


5. इंटरनेट के लिए आवश्यक उपकरण कौन - कौन से हैं?

दोस्तों, 👋 👋 
हम कुछ भी करते हैं तो हमें किसी न किसी चीज या सामान की आवश्यकता जरूर होती है। ठीक उसी तरह इंटरनेट को भी कुछ उपकरण (Machine) कि आवश्यकता होती है, जिससे वह सही से काम करें। ये उपकरण कुछ प्रकार होते हैं -
  1. कंप्यूटर या मोबाइल - इंटरनेट चलाने वाला डिवाइस।
  2. Modem - Modem आपके घर के इंटरनेट सिग्नल को समझने योग्य बनाता है। यह ISP से आने वाले सिग्नल को आपके डिवाइस तक पहुँचाता है।
  3. Router - यह इंटरनेट को कई सारी डिवाइस में बांट देता है। यही वाईफाई देता है।
  4. ISP (Internet Service Provider) - वह कंपनी जो आपको इंटरनेट देती है, इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर कहलाती है। जैसे - Jio, Airtel, BSNL आदि।
  5. नेटवर्क केबल या वाईफाई - ये कुछ इस प्रकार से होते हैं -
  • Lan Cable
  • Fiber Cable
  • Wireless 🛜 (Wifi)

उम्मीद है दोस्तों, 👋 
आपको इस आर्टिकल से बहुत कुछ के बारे में सीखने को मिला होगा और आपने सिखा होगा। आपको अगर ये अच्छा लगे तो इसे शेयर जरूर कीजियेगा। और हमने आपके लिए एक चार्ट बनाया है, जिसकी मदद से आप उसको देखकर इंटरनेट को आसानी से समझ जाओगे अगर एक बारे भी ये आर्टिकल पढ़े होंगे।   

इतना ही नहीं, हमने आपके लिए वन शॉट (One Shot) वीडियो भी तैयार किया है। उस वीडियो और चार्ट को हम इस आर्टिकल में लगा रहे हैं। इससे आप आसानी से समझ जाओगे। धन्यवाद !!! 🙏🙏🙏





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